मकर राशि
मकर राशिचक्र की दसवीं राशि है। इस पेज पर मकर का मतलब आपकी चंद्र राशि से है, यानी जन्म के समय चंद्रमा की राशि। पश्चिमी “Capricorn” सूर्य राशि अलग राशिचक्र में सूर्य से तय होती है, इसलिए कई लोग अपनी असली वैदिक राशि जानकर हैरान हो जाते हैं।
एक नज़र में
- स्वामी ग्रह
- शनि
- तत्व
- पृथ्वी
- स्वभाव
- चर
- विस्तार
- 270°–300°
- नक्षत्र
- उत्तराषाढ़ा (पद 2, पद 3, पद 4), श्रवण (सभी 4 पद), धनिष्ठा (पद 1, पद 2)
मकर राशि वालों का स्वभाव
मकर राशि वाले गंभीर, ज़िम्मेदार और व्यावहारिक होते हैं। राशि स्वामी शनि होने से ये भावनाओं पर क़ाबू रखते हैं और उन्हें कर्तव्य के रूप में जताते हैं, जैसे परिवार की ज़रूरतें पूरी करके, वादे निभाकर और लंबे लक्ष्य की ओर लगातार मेहनत करके। बचपन से ही ये अपनी उम्र से ज़्यादा समझदार लगते हैं।
यह पृथ्वी तत्व की चर राशि है, जो महत्वाकांक्षा और सीढ़ी-दर-सीढ़ी ऊपर चढ़ने की लगन देती है। मकर में मंगल उच्च के होते हैं, जिससे दृढ़ता और सहनशक्ति मिलती है। इनकी भावनाएँ बाहर जितनी दिखती हैं, भीतर उससे कहीं गहरी होती हैं।
खूबियाँ और कमज़ोरियाँ
अनुशासन, धैर्य और भरोसेमंद होना मकर राशि की पहचान है। ये ज़िम्मेदारी अच्छे से निभाते हैं, परंपरा का आदर करते हैं और अक्सर लगातार मेहनत के दम पर जीवन के दूसरे हिस्से में बड़ी सफलता पाते हैं। लोग इन पर भरोसा करते हैं क्योंकि ये जो कहते हैं, वही करते हैं।
निराशावादी सोच, ज़रूरत से ज़्यादा काम और प्यार जताने में झिझक इनकी कमज़ोरियाँ हैं। ये अपनी चिंताएँ चुपचाप ढोते रहते हैं और आराम या परिवार के समय से ऊपर काम को रख देते हैं। बिना अपराधबोध के ख़ुशी मनाना और अपनों से बोझ बाँटना इनके जीवन में गर्माहट लाता है।
करियर और धन
मकर राशि लंबे समय तक बढ़ने वाले, व्यवस्थित करियर के लिए बनी है। सरकारी नौकरी, प्रशासन, मैनेजमेंट, इंजीनियरिंग, निर्माण, खनन, खेती, क़ानून, फ़ाइनेंस और पुश्तैनी व्यापार शनि से जुड़े पारंपरिक क्षेत्र हैं। सफलता धीरे आती है, पर टिकती है।
ये पैसे के मामले में सावधान रहते हैं, भविष्य के लिए बचत करते हैं और ज़मीन-जायदाद में निवेश पसंद करते हैं। बस पैसे की ज़्यादा चिंता या इतनी सावधानी कि अच्छे मौक़े हाथ से निकल जाएँ, इससे बचें। कुंडली का दसवाँ भाव और शनि की स्थिति तरक़्क़ी का समय बताते हैं।
प्रेम और विवाह
मकर राशि वाले विवाह को गंभीरता से लेते हैं और लंबे समय तक निभाते हैं। ये भले खुलकर रोमांटिक न हों, पर स्थिरता, परिवार की ज़रूरतें पूरी करने और वफ़ादारी से प्यार जताते हैं। इन्हें ज़िम्मेदार और पारिवारिक मूल्यों का आदर करने वाला जीवनसाथी चाहिए।
परंपरागत रूप से मकर का मेल वृषभ और कन्या (पृथ्वी तत्व) के साथ अच्छा माना जाता है, और वृश्चिक व मीन कोमलता और भावनात्मक सहारा देती हैं। विवाह का अंतिम फ़ैसला कुंडली मिलान से ही करें।
स्वास्थ्य
ज्योतिष में मकर राशि का संबंध घुटनों, हड्डियों, जोड़ों और त्वचा से माना जाता है, और शनि ज़्यादा काम से होने वाली थकान का कारक है। मकर वालों को जोड़ों को सक्रिय रखने, पूरा आराम लेने और छोटे दर्द को कर्तव्य के नाम पर अनदेखा न करने की सलाह दी जाती है।
हल्का व्यायाम, योग, तेल मालिश और नियमित नींद पारंपरिक सुझाव हैं। किसी भी स्वास्थ्य चिंता में डॉक्टर से सलाह लें।
मकर राशि के उपाय
शनिवार शनि देव का दिन है। पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाना, हनुमान जी या शनि देव की पूजा और “ॐ शं शनैश्चराय नमः” का जाप पारंपरिक उपाय हैं। गहरा नीला और काला रंग अनुकूल है। ज़रूरतमंदों को काले तिल, सरसों का तेल, कंबल या जूते-चप्पल दान करें। मज़दूरों और बुज़ुर्गों की सेवा से शनि देव विशेष प्रसन्न होते हैं।
शनि का रत्न नीलम है, जो बहुत तेज़ असर वाला माना जाता है, इसलिए इसे पहनने से पहले अनुभवी ज्योतिषी से सलाह ज़रूर लें। मकर के स्वामी स्वयं शनि हैं, इसलिए ईमानदार और मेहनती मकर जातकों के लिए साढ़ेसाती अक्सर अपेक्षाकृत सहज मानी जाती है।
आपकी राशि और नक्षत्र क्या है?
एक मिनट में अपनी जन्म कुंडली मुफ़्त बनाइए। आपको अपनी चंद्र राशि, नक्षत्र, लग्न और चल रही दशा दिखेगी।
मेरी मुफ़्त कुंडली बनाइएलोग अक्सर पूछते हैं
मकर राशि का स्वामी कौन है?
मकर राशि के स्वामी शनि देव हैं। इस राशि में मंगल उच्च के होते हैं।
मकर राशि में कौन से नक्षत्र आते हैं?
मकर राशि में उत्तराषाढ़ा के दूसरे, तीसरे और चौथे चरण, श्रवण के चारों चरण और धनिष्ठा के पहले दो चरण आते हैं।
मकर राशि पर साढ़ेसाती का क्या असर होता है?
शनि मकर के स्वामी हैं, इसलिए परंपरा में मकर पर साढ़ेसाती को अपेक्षाकृत संभालने योग्य माना जाता है। असली असर आपकी कुंडली में शनि की स्थिति और दशा पर निर्भर करता है।
मकर राशि की शादी किस राशि से करनी चाहिए?
परंपरा में वृषभ, कन्या, वृश्चिक और मीन राशि को मकर के लिए अनुकूल माना जाता है। शादी से पहले कुंडली मिलान ज़रूर करवाएँ।