कर्क राशि
कर्क राशिचक्र की चौथी राशि है। इस पेज पर कर्क का मतलब आपकी चंद्र राशि से है, यानी जन्म के समय चंद्रमा जिस राशि में बैठा था। अंग्रेज़ी राशिफल में दी जाने वाली “Cancer” सूर्य राशि अलग तरीके से निकाली जाती है, इसलिए दोनों में अंतर हो सकता है।
एक नज़र में
- स्वामी ग्रह
- चंद्र
- तत्व
- जल
- स्वभाव
- चर
- विस्तार
- 90°–120°
कर्क राशि वालों का स्वभाव
कर्क चंद्रमा की अपनी राशि है, इसलिए यहाँ चंद्रमा अपने घर में होता है। कर्क राशि वाले बहुत गहराई से महसूस करते हैं और पुरानी बातें लंबे समय तक याद रखते हैं, चाहे वह किसी का प्यार भरा शब्द हो या कोई चोट। आसपास के लोगों के मूड का असर इन पर तुरंत पड़ता है।
यह जल तत्व की चर राशि है। घर, माँ और परिवार इनकी दुनिया का केंद्र होते हैं। जब परिवार सुरक्षित और ख़ुश हो, तो कर्क वाले बहुत उदार और हँसमुख रहते हैं, पर अगर घर में अशांति हो तो ये अपने खोल में सिमट जाते हैं।
खूबियाँ और कमज़ोरियाँ
कर्क राशि की ख़ूबी है देखभाल, अंतर्ज्ञान और अपनापन। किसी को क्या चाहिए, यह ये बिना कहे समझ जाते हैं और अक्सर पूरे परिवार का सहारा बन जाते हैं। खाना बनाना और मेहमाननवाज़ी इनका ख़ास गुण होता है।
ज़्यादा संवेदनशीलता इनकी कमज़ोरी भी है। छोटी बात को दिल पर ले लेना, अपनों की ज़रूरत से ज़्यादा चिंता करना और पुरानी बातें न भूल पाना आम है। मन की बात इशारों की बजाय साफ़ कहना और प्यार से सीमाएँ तय करना इनके लिए बहुत फ़ायदेमंद है।
करियर और धन
लोगों की देखभाल या जनता की ज़रूरत से जुड़े काम कर्क राशि को अच्छे लगते हैं। नर्सिंग, चिकित्सा, शिक्षा, होटल, खाने का व्यापार, डेयरी, प्रॉपर्टी, समाज सेवा, काउंसलिंग, एचआर और पानी या समुद्री यात्रा से जुड़े काम इनके लिए शुभ माने जाते हैं। कर्क में गुरु उच्च के होते हैं, इसलिए पढ़ाने और सलाह देने का काम भी इन्हें ख़ूब जमता है।
ये परिवार के भविष्य के लिए सोच-समझकर बचत करते हैं और अपना घर बनाना इनका बड़ा सपना होता है। बस भावनाओं में बहकर रिश्तेदारों को बिना हिसाब उधार देने से बचें।
प्रेम और विवाह
विवाह में कर्क राशि वाले समर्पित और परिवार से जुड़े रहते हैं। इन्हें ऐसा जीवनसाथी चाहिए जो घर-परिवार को महत्व दे, छोटी-छोटी बातें याद रखे और भावनाओं को धैर्य से समझे। महँगे तोहफ़ों से ज़्यादा इन्हें भरोसा दिलाने वाले शब्द प्यारे लगते हैं।
परंपरागत रूप से कर्क का मेल वृश्चिक और मीन (जल तत्व) के साथ अच्छा माना जाता है, और वृषभ व कन्या स्थिरता देती हैं। विवाह से पहले दोनों कुंडलियों का अष्टकूट गुण मिलान ज़रूर करवाएँ।
स्वास्थ्य
ज्योतिष में कर्क राशि का संबंध छाती और पेट से माना जाता है, और चंद्रमा मन व शरीर के तरल का कारक है। कर्क वालों का पाचन अक्सर उनके मन के हाल से जुड़ा रहता है, यानी तनाव का असर सबसे पहले भूख पर दिखता है।
समय पर सादा घर का खाना, भरपूर पानी और पानी या प्रकृति के पास शांत समय बिताना पुरानी घरेलू सलाह है। स्वास्थ्य से जुड़ी कोई भी परेशानी हो तो डॉक्टर से सलाह लें।
कर्क राशि के उपाय
सोमवार चंद्रमा का दिन है। शिवलिंग पर जल या दूध चढ़ाना, “ॐ नमः शिवाय” या “ॐ सोमाय नमः” का जाप और माँ की सेवा करना कर्क राशि के लिए सबसे अच्छे उपाय हैं। सफ़ेद और चाँदी जैसा रंग शुभ है। सोमवार को चावल, दूध या सफ़ेद कपड़े का दान करें।
चंद्रमा का रत्न मोती है, पर इसे पहनने से पहले अनुभवी ज्योतिषी से सलाह ज़रूर लें। साढ़ेसाती में दिनचर्या नियमित रखें, अकेले बैठकर चिंता न करें और पूजा या भरोसेमंद लोगों के साथ समय बिताएँ।
आपकी राशि और नक्षत्र क्या है?
एक मिनट में अपनी जन्म कुंडली मुफ़्त बनाइए। आपको अपनी चंद्र राशि, नक्षत्र, लग्न और चल रही दशा दिखेगी।
मेरी मुफ़्त कुंडली बनाइएलोग अक्सर पूछते हैं
कर्क राशि का स्वामी कौन है?
कर्क राशि के स्वामी चंद्रमा हैं। इसलिए कर्क राशि वाले भावुक और संवेदनशील होते हैं।
कर्क राशि में कौन से नक्षत्र आते हैं?
कर्क राशि में पुनर्वसु का चौथा चरण और पुष्य व आश्लेषा नक्षत्र के चारों चरण आते हैं।
कर्क राशि की शादी किस राशि से करनी चाहिए?
परंपरा में वृश्चिक, मीन, वृषभ और कन्या राशि को कर्क के लिए अनुकूल माना जाता है। अंतिम निर्णय कुंडली मिलान से ही लें।
कर्क राशि वालों को कौन सा रत्न पहनना चाहिए?
कर्क राशि के स्वामी चंद्रमा का रत्न मोती है। इसे पहनने से पहले अनुभवी ज्योतिषी से सलाह ज़रूर लें।