मेष राशि
मेष राशिचक्र की पहली राशि है। यहाँ मेष राशि से मतलब आपकी चंद्र राशि से है, यानी जन्म के समय चंद्रमा वैदिक (निरयन) राशिचक्र में जिस राशि में था। यह अंग्रेज़ी अख़बारों वाली “Aries” सूर्य राशि से अलग है, इसलिए अपनी असली राशि जानने के लिए कुंडली देखना ज़रूरी है।
एक नज़र में
- स्वामी ग्रह
- मंगल
- तत्व
- अग्नि
- स्वभाव
- चर
- विस्तार
- 0°–30°
मेष राशि वालों का स्वभाव
मेष राशि के जातक जोश से भरे होते हैं। राशि स्वामी मंगल होने के कारण इनका मन किसी भी बात पर तुरंत प्रतिक्रिया देता है। कोई काम सामने आया तो सोचने से पहले ही उसमें जुट जाना इनकी आदत होती है। बचपन से ही ये हर खेल में सबसे आगे रहना चाहते हैं।
यह अग्नि तत्व की चर राशि है, इसलिए मन चंचल और नई शुरुआत करने वाला होता है। मेष वालों का गुस्सा जितनी जल्दी आता है, उतनी ही जल्दी चला भी जाता है। ये मन में बैर कम ही रखते हैं। इन्हें सबसे ज़्यादा परेशानी इंतज़ार करने में होती है।
खूबियाँ और कमज़ोरियाँ
मेष राशि की सबसे बड़ी ताक़त है साहस। जहाँ दूसरे हिचकिचाते हैं, वहाँ ये पहला क़दम उठाते हैं। कमज़ोर का साथ देना और साफ़ बात कहना इनका स्वभाव है। मुश्किल के बाद ये बहुत जल्दी फिर से खड़े हो जाते हैं।
दूसरी ओर, जल्दबाज़ी, गुस्से में कड़वा बोल देना और कई काम एक साथ शुरू करके अधूरे छोड़ देना इनकी आम कमज़ोरियाँ हैं। जवाब देने से पहले एक गहरी साँस लेना और एक काम पूरा करके ही दूसरा शुरू करना, ये दो छोटी आदतें मेष वालों का जीवन काफ़ी आसान बना देती हैं।
करियर और धन
जिस काम में पहल और हिम्मत की ज़रूरत हो, वहाँ मेष राशि वाले चमकते हैं। सेना, पुलिस, खेल, सर्जरी, इंजीनियरिंग, मशीनरी, प्रॉपर्टी और अपना व्यापार, ये सब मंगल से जुड़े पारंपरिक क्षेत्र माने जाते हैं।
पैसे के मामले में इनका हाल अक्सर “जल्दी कमाओ, जल्दी ख़र्च करो” वाला रहता है। बड़ी ख़रीदारी से पहले कुछ दिन रुकना और हर महीने बचत अलग कर देना इनके लिए अच्छा रहता है। धन के सही योग जानने के लिए कुंडली का दूसरा और ग्यारहवाँ भाव और चल रही दशा देखनी चाहिए।
प्रेम और विवाह
मेष राशि वाले जीवनसाथी के प्रति वफ़ादार और रक्षक स्वभाव के होते हैं। इन्हें ऐसा साथी पसंद आता है जिसमें अपना आत्मविश्वास हो और जो इनके क्षणिक गुस्से को दिल पर न ले। रिश्ते में नयापन बना रहे तो ये बहुत ख़ुश रहते हैं।
पारंपरिक रूप से मेष राशि का मेल सिंह और धनु (अग्नि तत्व) के साथ अच्छा माना जाता है, और मिथुन व कुंभ के साथ भी सामंजस्य रहता है। लेकिन विवाह का फ़ैसला केवल राशि देखकर नहीं करना चाहिए। दोनों की कुंडली का गुण मिलान और मांगलिक दोष की जाँच ज़रूर करवाएँ।
स्वास्थ्य
ज्योतिष में मेष राशि का संबंध सिर से माना गया है और मंगल शरीर की गर्मी का कारक है। इसलिए मेष वालों को शरीर में गर्मी बढ़ने, तनाव से सिरदर्द और ज़रूरत से ज़्यादा काम करने से बचने की सलाह दी जाती है। जल्दबाज़ी में चोट-चपेट से भी सावधान रहना चाहिए।
रोज़ व्यायाम, गर्मियों में ठंडी तासीर वाला भोजन और पूरी नींद इनके लिए अच्छी मानी जाती है। कोई भी स्वास्थ्य समस्या हो तो डॉक्टर से ही सलाह लें।
मेष राशि के उपाय
मेष राशि के स्वामी मंगल हैं, इसलिए मंगलवार को हनुमान जी की पूजा और हनुमान चालीसा का पाठ सबसे सरल उपाय है। “ॐ अंगारकाय नमः” मंत्र का 108 बार जाप भी लाभ देता है। लाल रंग शुभ माना जाता है। मंगलवार को मसूर की दाल या गुड़ का दान करें।
मंगल का रत्न मूंगा है, लेकिन इसे पहनने से पहले किसी अनुभवी ज्योतिषी से सलाह ज़रूर लें। साढ़ेसाती के समय, जब शनि आपकी चंद्र राशि से बारहवें, पहले और दूसरे भाव में होते हैं, धैर्य रखें, बड़ों की सेवा करें और मेहनत में कमी न आने दें। यह समय सज़ा नहीं, अनुशासन सिखाने वाला होता है।
आपकी राशि और नक्षत्र क्या है?
एक मिनट में अपनी जन्म कुंडली मुफ़्त बनाइए। आपको अपनी चंद्र राशि, नक्षत्र, लग्न और चल रही दशा दिखेगी।
मेरी मुफ़्त कुंडली बनाइएलोग अक्सर पूछते हैं
मेष राशि का स्वामी कौन है?
मेष राशि के स्वामी मंगल ग्रह हैं। इसी वजह से मेष राशि वाले साहसी और ऊर्जावान होते हैं।
मेष राशि में कौन से नक्षत्र आते हैं?
मेष राशि में अश्विनी और भरणी नक्षत्र के चारों चरण और कृत्तिका नक्षत्र का पहला चरण आता है।
क्या मेष राशि और Aries एक ही हैं?
मेष को अंग्रेज़ी में Aries कहते हैं, पर वैदिक ज्योतिष में राशि चंद्रमा से देखी जाती है, जबकि पश्चिमी Sun sign सूर्य से। इसलिए दोनों अक्सर अलग निकलते हैं।
मेष राशि की शादी किस राशि से करनी चाहिए?
परंपरा में सिंह, धनु, मिथुन और कुंभ राशि को मेष के लिए अनुकूल माना जाता है। फिर भी शादी से पहले कुंडली मिलान ज़रूर करवाएँ।
मेष राशि का शुभ दिन और रंग कौन सा है?
मेष राशि के लिए मंगलवार शुभ दिन है और लाल रंग शुभ माना जाता है।