तुला राशि
तुला राशिचक्र की सातवीं राशि है। यहाँ तुला राशि से मतलब आपकी चंद्र राशि से है, यानी जन्म के समय चंद्रमा जिस राशि में था। पश्चिमी “Libra” सूर्य राशि अलग राशिचक्र और अलग ग्रह से तय होती है, इसलिए अपनी सही राशि कुंडली से ही जानें।
एक नज़र में
- स्वामी ग्रह
- शुक्र
- तत्व
- वायु
- स्वभाव
- चर
- विस्तार
- 180°–210°
तुला राशि वालों का स्वभाव
तुला का चिह्न तराज़ू है और इस राशि के लोग हर चीज़ में संतुलन चाहते हैं। रिश्तों में मेल-जोल और न्याय हो, तभी इनका मन शांत रहता है। झगड़ा इन्हें अंदर तक परेशान करता है, इसलिए ये अक्सर घर या दफ़्तर में सुलह कराने वाले बन जाते हैं।
राशि स्वामी शुक्र होने से इनमें आकर्षण, शिष्टाचार और सुंदरता की अच्छी समझ होती है। यह वायु तत्व की चर राशि है, इसलिए ये मिलनसार होते हैं और फ़ैसले से पहले हर पहलू तौलते हैं। तुला में शनि उच्च के होते हैं, इसलिए कोमल स्वभाव के नीचे न्याय और कर्तव्य की गहरी भावना छिपी रहती है।
खूबियाँ और कमज़ोरियाँ
तुला राशि के लोग समझदार, विनम्र और दोनों पक्षों की बात समझने वाले होते हैं। ये आसानी से दोस्त बना लेते हैं, अच्छे कपड़े पहनते हैं और अपने आसपास सलीका बनाए रखते हैं। निष्पक्षता इनके लिए सिर्फ़ शब्द नहीं, जीने का तरीका है।
फ़ैसला न ले पाना इनकी सबसे आम कमज़ोरी है। सबको ख़ुश रखने के चक्कर में ये कई बार “न” की जगह “हाँ” कह देते हैं। दूसरों की राय पर ज़्यादा निर्भर रहना भी मन पर बोझ बनता है। साफ़ और नरमी से “न” कहना सीख लें तो इनका आत्मविश्वास बहुत बढ़ जाता है।
करियर और धन
साझेदारी और लोगों से जुड़े काम तुला राशि को ख़ूब जमते हैं। वकालत, न्यायपालिका, काउंसलिंग, कूटनीति, पब्लिक रिलेशन, फ़ैशन, डिज़ाइन, ब्यूटी, कला, होटल और व्यापार इनके पारंपरिक क्षेत्र हैं। साझेदारी में व्यापार भी इनके लिए अच्छा रहता है, बशर्ते शर्तें साफ़ लिखी हों।
तुला वाले अच्छा कमाना और सलीके से जीना पसंद करते हैं, इसलिए कपड़ों, सजावट और मेल-मिलाप पर ख़र्च थोड़ा ज़्यादा हो सकता है। यहाँ भी संतुलन ही कुंजी है। कुंडली का सातवाँ और दसवाँ भाव साझेदारी और करियर का हाल बताते हैं।
प्रेम और विवाह
तुला राशि वालों के लिए विवाह जीवन का अहम हिस्सा है। ये रोमांटिक और ख़याल रखने वाले जीवनसाथी होते हैं जो रिश्ते को मधुर बनाए रखने के लिए मेहनत करते हैं। इन्हें ऐसा साथी चाहिए जो सम्मान से बात करे और शांत घर पसंद करे।
परंपरा में तुला का मेल मिथुन और कुंभ (वायु तत्व) के साथ अच्छा माना जाता है, और सिंह व धनु भी उत्साह के साथ अनुकूल रहती हैं। यह सामान्य संकेत है, विवाह के लिए दोनों कुंडलियों का गुण मिलान करवाना ही सही तरीका है।
स्वास्थ्य
ज्योतिष में तुला राशि का संबंध कमर के निचले हिस्से और गुर्दों से माना जाता है। इसलिए तुला वालों को भरपूर पानी पीने, मीठा कम खाने और नियमित हलचल से कमर मज़बूत रखने की सलाह दी जाती है।
संतुलित दिनचर्या, जो इन्हें स्वाभाविक रूप से पसंद है, सबसे अच्छी पुरानी सलाह है। स्वास्थ्य से जुड़ी किसी भी परेशानी में डॉक्टर से मिलें।
तुला राशि के उपाय
शुक्रवार शुक्र का दिन है। इस दिन माँ लक्ष्मी की पूजा, श्री सूक्त का पाठ या “ॐ शुक्राय नमः” का 108 बार जाप करें। सफ़ेद, हल्का नीला और हल्के रंग शुभ माने जाते हैं। शुक्रवार को सफ़ेद मिठाई, चावल या इत्र का दान करें और घर की महिलाओं का सम्मान करें।
शुक्र के रत्न हीरा या ओपल हैं, पर कोई भी रत्न पहनने से पहले अनुभवी ज्योतिषी से सलाह लें। तुला में शनि उच्च के होते हैं, इसलिए ईमानदार और मेहनती तुला जातकों के लिए साढ़ेसाती अक्सर संभालने लायक मानी जाती है।
आपकी राशि और नक्षत्र क्या है?
एक मिनट में अपनी जन्म कुंडली मुफ़्त बनाइए। आपको अपनी चंद्र राशि, नक्षत्र, लग्न और चल रही दशा दिखेगी।
मेरी मुफ़्त कुंडली बनाइएलोग अक्सर पूछते हैं
तुला राशि का स्वामी कौन है?
तुला राशि के स्वामी शुक्र ग्रह हैं। इस राशि में शनि उच्च के होते हैं।
तुला राशि में कौन से नक्षत्र आते हैं?
तुला राशि में चित्रा के तीसरे और चौथे चरण, स्वाति के चारों चरण और विशाखा के पहले तीन चरण आते हैं।
तुला राशि की शादी किस राशि से करनी चाहिए?
परंपरा में मिथुन, कुंभ, सिंह और धनु राशि को तुला के लिए अनुकूल माना जाता है। शादी से पहले कुंडली मिलान ज़रूर करवाएँ।
तुला राशि का शुभ रंग कौन सा है?
तुला राशि के लिए सफ़ेद और हल्का नीला रंग शुभ माने जाते हैं, और शुक्रवार शुभ दिन है।