वृषभ राशि
वृषभ राशिचक्र की दूसरी राशि है। इस पेज पर वृषभ का अर्थ आपकी चंद्र राशि से है, यानी जन्म के समय चंद्रमा जिस राशि में था। यह पश्चिमी ज्योतिष की “Taurus” सूर्य राशि से अलग है, इसलिए नाम एक जैसा लगने पर भी दोनों में फ़र्क़ होता है।
एक नज़र में
- स्वामी ग्रह
- शुक्र
- तत्व
- पृथ्वी
- स्वभाव
- स्थिर
- विस्तार
- 30°–60°
वृषभ राशि वालों का स्वभाव
वृषभ राशि में चंद्रमा उच्च का माना जाता है, यानी यहाँ मन सबसे स्थिर और शांत रहता है। वृषभ राशि वाले जल्दी घबराते नहीं हैं। इनका मूड धीरे-धीरे बदलता है और ये सोच-समझकर चलना पसंद करते हैं।
राशि स्वामी शुक्र होने से इन्हें सुंदर चीज़ें, अच्छा खाना, संगीत और आरामदायक घर बहुत पसंद होता है। यह पृथ्वी तत्व की स्थिर राशि है। एक बार किसी बात या व्यक्ति को अपना लिया तो ये उसे आसानी से नहीं छोड़ते। मन तभी सुकून पाता है जब घर और पैसे दोनों की सुरक्षा हो।
खूबियाँ और कमज़ोरियाँ
वृषभ राशि के लोग भरोसेमंद, धैर्यवान और वफ़ादार होते हैं। दफ़्तर में जो काम अधूरा छूट जाए, उसे चुपचाप पूरा करने वाले अक्सर यही होते हैं। कपड़ों, घर की सजावट और खाने में इनकी पसंद बहुत अच्छी होती है।
इनकी कमज़ोरी है ज़िद। बदलाव इन्हें असहज करता है और पुरानी आदतें या पुरानी नाराज़गी ये लंबे समय तक पकड़े रहते हैं। थोड़ा लचीलापन और यह याद रखना कि आराम आलस न बन जाए, वृषभ वालों को आगे बढ़ने में मदद करता है।
करियर और धन
वृषभ राशि वाले धीरे-धीरे पैसा जोड़ते हैं और उसे संभालकर रखते हैं। बैंकिंग, फ़ाइनेंस, अकाउंट्स, प्रॉपर्टी, खेती, खाने-पीने का व्यवसाय, होटल, गहने, फ़ैशन, डिज़ाइन और संगीत इनके लिए अच्छे क्षेत्र माने जाते हैं। जोखिम वाले काम की बजाय ये स्थिर नौकरी या पारिवारिक व्यापार पसंद करते हैं।
सोना, ज़मीन जैसी टिकाऊ चीज़ों में निवेश इन्हें स्वाभाविक रूप से अच्छा लगता है। बस शौक़ और आराम की चीज़ों पर ज़्यादा ख़र्च से बचना चाहिए। कुंडली में शुक्र की स्थिति और दूसरा भाव आपकी धन स्थिति का पूरा हाल बताते हैं।
प्रेम और विवाह
वृषभ राशि वाले प्यार बड़ी-बड़ी बातों से नहीं, बल्कि देखभाल से जताते हैं। घर का बना खाना, सोच-समझकर दिया गया तोहफ़ा और हर हाल में साथ निभाना, यही इनका प्यार है। इन्हें वफ़ादार और शांत घर पसंद करने वाला जीवनसाथी चाहिए।
परंपरा के अनुसार वृषभ का मेल कन्या और मकर (पृथ्वी तत्व) के साथ अच्छा माना जाता है, और कर्क व मीन भी भावनात्मक रूप से अनुकूल रहती हैं। विवाह से पहले दोनों कुंडलियों का पूरा गुण मिलान ज़रूर करवाएँ।
स्वास्थ्य
ज्योतिष में वृषभ राशि का संबंध चेहरे, गले और गर्दन से माना गया है। मौसम बदलने पर गले का ध्यान रखना और वज़न पर नज़र रखना इनके लिए ज़रूरी है, क्योंकि मीठा और भारी खाना इन्हें बहुत भाता है।
रोज़ टहलना, संतुलित भोजन और भजन या मंत्र जाप, जो गले और मन दोनों के लिए अच्छा है, पारंपरिक सलाह है। किसी भी तकलीफ़ में डॉक्टर से सलाह लें।
वृषभ राशि के उपाय
शुक्र इस राशि के स्वामी हैं, इसलिए शुक्रवार का दिन ख़ास है। माँ लक्ष्मी या माँ दुर्गा की पूजा करें और “ॐ शुक्राय नमः” मंत्र का 108 बार जाप करें। सफ़ेद, क्रीम और हल्का गुलाबी रंग शुभ माने जाते हैं। शुक्रवार को चावल, चीनी, दही या सफ़ेद कपड़े का दान करें।
शुक्र के रत्न हीरा या ओपल हैं, पर कोई भी रत्न पहनने से पहले अनुभवी ज्योतिषी से सलाह लें। घर को साफ़-सुथरा और सुगंधित रखना भी शुक्र को प्रसन्न करता है। साढ़ेसाती में जल्दबाज़ी के आर्थिक फ़ैसलों से बचें और पूजा-पाठ नियमित रखें।
आपकी राशि और नक्षत्र क्या है?
एक मिनट में अपनी जन्म कुंडली मुफ़्त बनाइए। आपको अपनी चंद्र राशि, नक्षत्र, लग्न और चल रही दशा दिखेगी।
मेरी मुफ़्त कुंडली बनाइएलोग अक्सर पूछते हैं
वृषभ राशि का स्वामी कौन है?
वृषभ राशि के स्वामी शुक्र ग्रह हैं। इस राशि में चंद्रमा उच्च का होता है।
वृषभ राशि में कौन से नक्षत्र आते हैं?
वृषभ राशि में कृत्तिका के दूसरे, तीसरे और चौथे चरण, रोहिणी के चारों चरण और मृगशिरा के पहले दो चरण आते हैं।
वृषभ राशि की जोड़ी किस राशि से अच्छी बनती है?
परंपरा में कन्या, मकर, कर्क और मीन राशि को वृषभ के लिए अनुकूल माना जाता है। शादी के लिए कुंडली मिलान ही सही तरीका है।
वृषभ राशि वालों का शुभ रंग कौन सा है?
वृषभ राशि के लिए सफ़ेद, क्रीम और हल्का गुलाबी रंग शुभ माने जाते हैं, और शुक्रवार शुभ दिन है।