सिंह राशि
सिंह राशिचक्र की पाँचवीं राशि है। यहाँ सिंह राशि का अर्थ आपकी चंद्र राशि से है, यानी जन्म के समय चंद्रमा की राशि। पश्चिमी ज्योतिष की “Leo” सूर्य राशि अलग राशिचक्र और सूर्य की स्थिति से निकलती है, इसलिए उसे अपनी वैदिक राशि न समझें।
एक नज़र में
- स्वामी ग्रह
- सूर्य
- तत्व
- अग्नि
- स्वभाव
- स्थिर
- विस्तार
- 120°–150°
- नक्षत्र
- मघा (सभी 4 पद), पूर्व फाल्गुनी (सभी 4 पद), उत्तर फाल्गुनी (पद 1)
सिंह राशि वालों का स्वभाव
सिंह राशि के स्वामी सूर्य हैं, जिन्हें ग्रहों का राजा कहा जाता है। इसलिए सिंह राशि वालों में एक राजसी गरिमा होती है। ये सम्मान चाहते हैं और बदले में अपने लोगों की पूरे दिल से रक्षा करते हैं।
यह अग्नि तत्व की स्थिर राशि है, इसलिए भावनाएँ गहरी और टिकाऊ होती हैं। अपमान ये जल्दी नहीं भूलते, लेकिन इज़्ज़त मिल जाए तो दिल से माफ़ भी कर देते हैं। तारीफ़ इन्हें ऊर्जा देती है और अनदेखी इन्हें आलोचना से भी ज़्यादा चुभती है।
खूबियाँ और कमज़ोरियाँ
सिंह राशि वाले जन्मजात नेता होते हैं। आत्मविश्वास, उदारता, रचनात्मकता और ज़िम्मेदारी लेने का साहस इनकी पहचान है। परिवार में बड़े फ़ैसलों के समय लोग अक्सर इन्हीं की ओर देखते हैं।
अहंकार और हर जगह पहचान पाने की चाह इनकी सबसे बड़ी सीख है। कभी-कभी सलाह मानना या गलती स्वीकारना इन्हें मुश्किल लगता है। जब सिंह राशि वाले सेवा भाव से नेतृत्व करना सीख लेते हैं, तो इनका आकर्षण और बढ़ जाता है।
करियर और धन
सिंह राशि वाले ऐसा काम पसंद करते हैं जिसमें अधिकार और सम्मान हो। सरकारी नौकरी, प्रशासन, राजनीति, मैनेजमेंट, चिकित्सा, अभिनय, मनोरंजन और ऊँचे पद वाले काम सूर्य से जुड़े पारंपरिक क्षेत्र हैं। जल्दी ज़िम्मेदारी मिलने पर ये और निखरते हैं।
पैसा अक्सर पद और प्रतिष्ठा के साथ आता है। परिवार, तोहफ़ों और अच्छी जीवनशैली पर दिल खोलकर ख़र्च करना इनका स्वभाव है, बस साथ में बचत भी चलती रहे। कुंडली में सूर्य की ताक़त और दसवाँ भाव करियर की तस्वीर साफ़ करते हैं।
प्रेम और विवाह
प्यार में सिंह राशि वाले रोमांटिक, वफ़ादार और रक्षक होते हैं। इन्हें ऐसा जीवनसाथी चाहिए जिस पर ये गर्व कर सकें और जो खुलकर इनकी सराहना करे। परिवार और दोस्तों के सामने दिया गया सम्मान इनके लिए बहुत मायने रखता है।
परंपरा में सिंह का मेल मेष और धनु (अग्नि तत्व) के साथ अच्छा माना जाता है, और मिथुन व तुला भी अनुकूल रहती हैं। विवाह के लिए इन संकेतों से आगे बढ़कर दोनों कुंडलियों का मिलान ज़रूर करवाएँ।
स्वास्थ्य
ज्योतिष में सिंह राशि का संबंध हृदय, पीठ के ऊपरी हिस्से और जीवन शक्ति से माना जाता है, और सूर्य आँखों व ऊर्जा के कारक हैं। सिंह वालों को तनाव संभालने, ख़ुद को साबित करने के लिए ज़रूरत से ज़्यादा मेहनत न करने और रीढ़ का ध्यान रखने की सलाह दी जाती है।
सुबह जल्दी उठना, सुबह की धूप लेना और संतुलित भोजन पारंपरिक सुझाव हैं। स्वास्थ्य संबंधी किसी भी चिंता के लिए डॉक्टर से मिलें।
सिंह राशि के उपाय
रोज़ सुबह, ख़ासकर रविवार को, उगते सूर्य को ताँबे के लोटे से जल (अर्घ्य) देना सिंह राशि का सबसे प्रसिद्ध उपाय है। आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ या “ॐ घृणि सूर्याय नमः” का जाप भी शुभ है। नारंगी, केसरिया और सुनहरा रंग अनुकूल माने जाते हैं। रविवार को गेहूँ, गुड़ या ताँबे का दान करें।
सूर्य का रत्न माणिक है, लेकिन इसे पहनने से पहले अनुभवी ज्योतिषी से सलाह ज़रूर लें। पिता और बड़ों का आदर करना अपने आप में सूर्य का बड़ा उपाय है। साढ़ेसाती में विनम्र रहें और अधिकारियों के साथ धैर्य से पेश आएँ।
आपकी राशि और नक्षत्र क्या है?
एक मिनट में अपनी जन्म कुंडली मुफ़्त बनाइए। आपको अपनी चंद्र राशि, नक्षत्र, लग्न और चल रही दशा दिखेगी।
मेरी मुफ़्त कुंडली बनाइएलोग अक्सर पूछते हैं
सिंह राशि का स्वामी कौन है?
सिंह राशि के स्वामी सूर्य देव हैं, जो नेतृत्व और आत्मविश्वास देते हैं।
सिंह राशि में कौन से नक्षत्र आते हैं?
सिंह राशि में मघा और पूर्वा फाल्गुनी के चारों चरण और उत्तरा फाल्गुनी का पहला चरण आता है।
सिंह राशि की शादी किस राशि से करनी चाहिए?
परंपरा में मेष, धनु, मिथुन और तुला राशि को सिंह के लिए अनुकूल माना जाता है। शादी से पहले कुंडली मिलान ज़रूर करवाएँ।
सिंह राशि वालों को सूर्य को जल कैसे देना चाहिए?
सुबह स्नान के बाद ताँबे के लोटे में जल, थोड़ा रोली और लाल फूल डालकर उगते सूर्य को अर्घ्य दें और “ॐ सूर्याय नमः” बोलें।