मिथुन राशि
मिथुन राशिचक्र की तीसरी राशि है। यहाँ मिथुन राशि का मतलब आपकी चंद्र राशि से है, यानी आपके जन्म के समय चंद्रमा की राशि। पश्चिमी “Gemini” सूर्य राशि इससे अलग है, इसलिए हो सकता है कि आपकी वैदिक राशि कुछ और निकले।
एक नज़र में
- स्वामी ग्रह
- बुध
- तत्व
- वायु
- स्वभाव
- द्विस्वभाव
- विस्तार
- 60°–90°
मिथुन राशि वालों का स्वभाव
मिथुन राशि वालों का दिमाग़ बहुत तेज़ चलता है। राशि स्वामी बुध बुद्धि और वाणी के ग्रह हैं, इसलिए ये बात करके, लिखकर या मज़ाक करके अपने मन की बात हल्की कर लेते हैं। नई जानकारी जुटाना इन्हें बहुत भाता है।
यह वायु तत्व की द्विस्वभाव राशि है, जिसका चिह्न एक जोड़ा है। इसलिए ये किसी भी बात के दोनों पहलू देख लेते हैं, पर कभी-कभी अपना फ़ैसला बार-बार बदल भी लेते हैं। रोज़ एक जैसी दिनचर्या इन्हें बेचैन कर देती है, बदलाव और नयापन इन्हें ख़ुश रखता है।
खूबियाँ और कमज़ोरियाँ
मिथुन राशि के लोग बातचीत में माहिर, जल्दी सीखने वाले और हँसमुख होते हैं। नई जगह और नए लोगों के बीच ये तुरंत घुल-मिल जाते हैं। कई मिथुन वाले उम्र बढ़ने पर भी जवान दिखते हैं।
इनकी चुनौती है एकाग्रता। हर चीज़ में रुचि होने से ध्यान बँट जाता है, छोटी बातों पर ज़्यादा सोचना और रात को दिमाग़ शांत न होना आम है। कुछ ही ज़रूरी कामों को चुनकर पूरा करना और रोज़ थोड़ी देर पूजा, पढ़ाई या टहलने में मन लगाना इन्हें स्थिरता देता है।
करियर और धन
जहाँ शब्द, अंक, व्यापार या लोगों से संपर्क हो, वहाँ मिथुन राशि वाले सफल होते हैं। पत्रकारिता, लेखन, पढ़ाना, मीडिया, मार्केटिंग, सेल्स, आईटी, अकाउंटिंग, अनुवाद और ट्रैवल इनके लिए अच्छे क्षेत्र हैं। कई लोग एक साथ दो काम संभाल लेते हैं।
इनकी कमाई अक्सर एक बड़े स्रोत की बजाय कई छोटे स्रोतों से आती है। व्यापार के अच्छे आइडिया इनके पास रहते हैं, बस काग़ज़ ध्यान से पढ़ें और बिना सोचे उधार न दें। कुंडली का दसवाँ भाव और बुध की स्थिति करियर की सही दिशा बताती है।
प्रेम और विवाह
मिथुन राशि वालों के लिए दोस्ती ही प्यार की नींव है। इन्हें ऐसा जीवनसाथी चाहिए जिससे हर विषय पर खुलकर बात हो सके और जो थोड़ी आज़ादी भी दे। चुप्पी और भारी माहौल इन्हें बहस से ज़्यादा परेशान करता है।
परंपरागत रूप से मिथुन का मेल तुला और कुंभ (वायु तत्व) के साथ अच्छा माना जाता है, और मेष व सिंह के साथ भी तालमेल बैठता है। यह सिर्फ़ सामान्य संकेत है, विवाह के लिए दोनों कुंडलियों का मिलान करवाना ही सही है।
स्वास्थ्य
ज्योतिष में मिथुन राशि का संबंध कंधों, बाँहों, हाथों और फेफड़ों से माना गया है, और बुध नसों का कारक है। इसलिए इन्हें मानसिक थकान, अनियमित नींद और ज़्यादा स्क्रीन देखने से बचने की सलाह दी जाती है।
प्राणायाम, स्क्रीन से बीच-बीच में ब्रेक और तय समय पर सोना अच्छी आदतें हैं। कोई भी परेशानी हो तो डॉक्टर से मिलें।
मिथुन राशि के उपाय
बुध का दिन बुधवार है। इस दिन गणेश जी या भगवान विष्णु की पूजा करें और “ॐ बुधाय नमः” मंत्र का 108 बार जाप करें। हरा रंग शुभ है। बुधवार को गाय को हरी घास खिलाना और साबुत मूंग का दान करना अच्छा माना जाता है।
बुध का रत्न पन्ना है, पर इसे पहनने से पहले अनुभवी ज्योतिषी से सलाह ज़रूर लें। मीठा बोलना और अपना वादा निभाना भी बुध का उपाय माना जाता है। साढ़ेसाती में अनुशासित दिनचर्या रखें और बेवजह की बहस से दूर रहें।
आपकी राशि और नक्षत्र क्या है?
एक मिनट में अपनी जन्म कुंडली मुफ़्त बनाइए। आपको अपनी चंद्र राशि, नक्षत्र, लग्न और चल रही दशा दिखेगी।
मेरी मुफ़्त कुंडली बनाइएलोग अक्सर पूछते हैं
मिथुन राशि का स्वामी कौन है?
मिथुन राशि के स्वामी बुध ग्रह हैं, जो बुद्धि और वाणी के कारक हैं।
मिथुन राशि में कौन से नक्षत्र आते हैं?
मिथुन राशि में मृगशिरा के तीसरे और चौथे चरण, आर्द्रा के चारों चरण और पुनर्वसु के पहले तीन चरण आते हैं।
मिथुन राशि की शादी किस राशि से करनी चाहिए?
परंपरा में तुला, कुंभ, मेष और सिंह राशि को मिथुन के लिए अनुकूल माना जाता है। अंतिम फ़ैसला कुंडली मिलान से ही करें।
मिथुन राशि वालों को कौन सा रत्न पहनना चाहिए?
मिथुन राशि के स्वामी बुध का रत्न पन्ना है। लेकिन इसे पहनने से पहले किसी अनुभवी ज्योतिषी को अपनी कुंडली ज़रूर दिखाएँ।